बहादुर कुम्हार
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आ रही है · शनिवार, 23 जनवरीतूफ़ानी रात में कुम्हार तिम्मा अपना खोया गधा ढूँढने निकला। येल्लम्मा की झोंपड़ी के पास उसने एक बड़े जानवर का कान पकड़ा, उसे डाँटा, उस पर चढ़कर घर लाया और खंभे से बाँध दिया। सुबह देखा, तो वह एक बड़ा बाघ था! पूरा गाँव उसे वीर कहने लगा, और राजा ने उसे सेनापति बना दिया। पर तिम्मा कभी घोड़े पर नहीं चढ़ा था… तो पत्नी लक्ष्मी ने उसे रस्सी से घोड़े पर बाँध दिया, और घोड़ा सीधा दुश्मन के डेरे की ओर भागा! आगे क्या हुआ? देखिए!
⭐ कहानी की सीख
हिम्मत कहीं से भी आ सकती है, और जो हमसे प्यार करते हैं, उनका साथ सबसे बड़ा सहारा होता है।
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